अहिल्यानगर: अहिल्यानगर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संचालक मंडल चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे ने ऐन नामांकन के अंतिम दिन 5 अक्टूबर को चुनाव से अपनी वापसी का ऐलान कर दिया। शिंदे के हटने से पूर्व मंत्री शंकरराव गडाख का रास्ता साफ हो गया है।
शंकरराव गडाख ने नेवासा तालुका के विविध कार्यकारी सेवा सोसायटी मतदारसंघ से इकलौता उमेदवारी अर्ज दाखल किया है। इस मतदारसंघ में करीब 130 सेवा सोसायटियां मतदाता हैं, और गडाख का अकेला अर्ज होने से उनकी बिनविरोध निवड़ की राह लगभग पक्की मानी जा रही है।
बैंक के कुल 21 संचालक पदों के लिए 363 उमेदवारी अर्ज दाखल हुए हैं। 6 अक्टूबर को अर्जों की छंटनी होगी, और अर्ज वापस लेने की अंतिम तिथि 22 अक्टूबर रखी गई है। जिन सीटों पर एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में रहेंगे, वहां 2 नवंबर को प्रत्यक्ष मतदान होगा।
श्रीगोंदा, राहता और पारनेर मतदारसंघों में कड़ी टक्कर बरकरार है — इन जगहों पर कई इच्छुकों ने उमेदवारी अर्ज दाखल किए हैं। राज्य भर में सहकारी बैंकों के चुनावों पर नजर रखने वालों के लिए अहिल्यानगर का यह घटनाक्रम राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
21 संचालक पदों के लिए 363 अर्ज; बिनविरोध नहीं तो 2 नवंबर को मतदान
- 5 अक्टूबर (नामांकन के अंतिम दिन) प्रा. राम शिंदे ने चुनाव से वापसी की
- शंकरराव गडाख का नेवासा से इकलौता अर्ज — बिनविरोध निवड़ की राह साफ
- 21 संचालक पदों के लिए 363 अर्ज; छंटनी 6 अक्टूबर, वापसी 22 अक्टूबर तक
- श्रीगोंदा, राहता, पारनेर में कड़ी टक्कर; मुकाबले वाली सीटों पर 2 नवंबर को मतदान
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