नाशिक। अंबाड एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र से सटे दत्तनगर रिहायशी इलाके में बोरवेल का पानी पीला और रसायनयुक्त निकल रहा है। स्थानीय निवासियों को त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायत है। मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) ने 10 अक्टूबर को अंबाड के 9 औद्योगिक इकाइयों को बंदी के नोटिस जारी किए हैं।
नोटिस से पहले एमपीसीबी, एमआईडीसी, नाशिक महानगरपालिका और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने इलाके का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कई इकाइयों के प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र (ईटीपी) बंद पाए गए। यह कार्रवाई संरक्षक मंत्री गिरीश महाजन, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे और महापौर हिमगौरी अहेर के निर्देश पर हुई है। नोटिस पाने वाली इकाइयों के बिजली-पानी कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
कार्यकर्ताओं रोशन केदार, राजेश पंडित और परिणीति दांडेकर ने अश्वमेध इंजीनियर्स एंड कंसल्टेंट्स से पानी की लैब जांच करवाई थी, जिसमें कुल क्रोमियम (हेक्सावेलेंट सहित) 50.5 मिलिग्राम प्रति लीटर मिला। निवासियों के मुताबिक पानी से दाने, खुजली, छाले और पेट की तकलीफें हो रही हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दूषित भूजल गोदावरी नदी में जा रहा है, जबकि 31 अक्टूबर को कुंभ ध्वजारोहण होना है।
यह पहली कार्रवाई नहीं है — कुछ दिन पहले भी एमपीसीबी ने इसी प्रदूषण के मामले में नोटिस दिए थे। नाशिक के निवासी दत्तनगर इलाके में स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- नाशिक के अंबाड में भूजल में क्रोमियम
- 9 उद्योगों को बंदी नोटिस
- बोरवेल का पानी पीला, त्वचा रोग
- 50.5 mg/L क्रोमियम मिला
- बिजली-पानी कनेक्शन कटे जा रहे
Comments
Post a Comment