गोंदिया: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को मुंबई से वापस हो गया है, और अब विदर्भ से मानसून की वापसी की स्थितियां भी अनुकूल बन रही हैं। इस सीजन के आंकड़ों ने एक अहम बात सामने रखी है — गोंदिया विदर्भ का इकलौता जिला है, जहां बारिश लगभग सामान्य रही, सिर्फ 1 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।
विदर्भ के बाकी जिलों की स्थिति चिंताजनक है — पूरे विदर्भ में मौसमी औसत से करीब 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा कमी अमरावती में (43 प्रतिशत), फिर अकोला में 41 प्रतिशत, वाशिम में 37 प्रतिशत और नागपुर-वर्धा में 34 प्रतिशत दर्ज की गई है।
IMD का पूर्वानुमान है कि 3 से 7 अक्टूबर तक विदर्भ के सभी 11 जिलों — नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गडचिरोली, अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा और वाशिम — में सूखी स्थिति रहेगी; 9 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
गोंदिया के किसानों के लिए राहत की बात है कि जिले के जलाशय इस बार अच्छी बारिश से भर गए हैं, जिससे रबी सीजन की सिंचाई पर दबाव कम रहेगा। लेकिन गोंदिया के खेतों में लंबे सूखे दौर के चलते धान की फसल को जिस समय और जितनी बारिश चाहिए थी, वह पूरी तरह नहीं मिली — कृषि विभाग के अनुसार गोंदिया-भंडारा में धान की फसल में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान की जानकारी है।
विदर्भ में मानसून औसत से 27 प्रतिशत कम — अमरावती में सबसे ज्यादा 43% कमी
- गोंदिया विदर्भ का इकलौता जिला जहां मानसून लगभग सामान्य रहा — सिर्फ 1% की कमी दर्ज
- विदर्भ में मौसमी औसत से 27% कम बारिश; अमरावती में 43%, अकोला में 41%, वाशिम में 37%, नागपुर-वर्धा में 34% की कमी
- 3 अक्टूबर को मुंबई से मानसून की वापसी; विदर्भ से भी वापसी की स्थितियां अनुकूल
- गोंदिया समेत विदर्भ के सभी 11 जिलों में 9 अक्टूबर तक सूखी स्थिति का पूर्वानुमान
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