सूखे की मार झेल रहे लातूर जिले के 82,074 दसवीं और बारहवीं के छात्रों को परीक्षा शुल्क से छूट दे दी गई है। यह राहत महाराष्ट्र सरकार के सूखा-राहत उपायों के तहत दी जा रही है।
लाभार्थियों में 47,555 दसवीं और 34,519 बारहवीं के छात्र हैं। लातूर तहसील में सबसे ज्यादा 31,214 छात्र हैं, इसके बाद उदगीर में 11,701, अहमदपुर में 8,622, निलंगा में 7,799 और औसा में 7,415 छात्र हैं। चाकूर में 4,694, देवणी में 3,195, जलकोट में 3,134, रेनापुर में 2,670 और शिरूर अनंतपाल में 1,630 छात्र इस छूट का लाभ उठाएंगे।
लातूर जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने फरवरी-मार्च में होने वाली परीक्षाओं के लिए यह निर्देश जारी किया है और मुख्याध्यापकों से कहा गया है कि प्रभावित छात्रों से परीक्षा शुल्क न वसूला जाए।
गौरतलब है कि 26 सितंबर को महाराष्ट्र ने अपर्याप्त बारिश के चलते 358 में से 265 तहसीलों (74 प्रतिशत) में सूखा घोषित किया था; पूरा लातूर जिला सूखाग्रस्त घोषित है। राहत पैकेज में फसल ऋण पुनर्गठन, भू-राजस्व में रियायत और कृषि बिजली बिलों में सब्सिडी शामिल है। कलेक्टर डॉ. भारत बस्तेवाड ने पेयजल, पशुचारा, रोजगार और जलस्रोतों के पुनर्जीवन पर केंद्रित चार-सूत्री योजना प्रस्तावित की है।
मुख्य बातें
- 82,074 छात्रों की परीक्षा फीस माफ — दसवीं के 47,555, बारहवीं के 34,519
- सबसे ज्यादा लाभार्थी लातूर तहसील में — 31,214 छात्र
- मुख्याध्यापकों को शुल्क न वसूलने का निर्देश
- 265 तहसीलों में सूखा; कलेक्टर की चार-सूत्री राहत योजना
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