एशियाड-2026 में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन पर क्रीड़ा मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय 15 अक्टूबर (गुरुवार) को राष्ट्रीय खेल महासंघों के साथ प्रदर्शन की समीक्षा बैठक करेगा। यह बैठक पहले 13 अक्टूबर को होनी थी, लेकिन खेल मंत्री मनसुख मांडविया के अहमदाबाद में BRICS ट्रेडिशनल गेम्स में व्यस्त होने के कारण टल गई।
भारत ने 501 खिलाड़ियों का दल भेजा था और पिछले तीन वर्षों में इन पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च हुए (मंत्रालय के आंकड़े) — लेकिन नतीजा सिर्फ 85 पदक (21 स्वर्ण) रहा, जो हांगझोऊ (106 पदक) से 21 पदक कम है। समीक्षा का फोकस बैडमिंटन, शूटिंग और एथलेटिक्स में अनुभवी खिलाड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन रहेगा — TOPS के 89 अनुभवी खिलाड़ी 23 खेलों में पदक-रहित रहे।
सकारात्मक पक्ष यह रहा कि अंतिम दो दिनों में तीरंदाजी, हॉकी (पुरुष-महिला) और बॉक्सिंग से 11 स्वर्ण मिले। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रह्लाद जोशी ने सेना-बल के पदकविजेताओं से मुलाकात की, और 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी भी पदकविजेताओं से मिलेंगे — दोनों स्वर्ण विजेता क्रिकेट टीमों सहित।
मुख्य बातें
- 15 अक्टूबर को खेल मंत्रालय की समीक्षा बैठक; 13 अक्टूबर वाली बैठक मंत्री की व्यस्तता से टली
- 501 खिलाड़ियों पर तीन साल में ₹700 करोड़ खर्च, नतीजा 85 पदक (हांगझोऊ से 21 कम)
- TOPS के 89 अनुभवी खिलाड़ी 23 खेलों में पदक-रहित; बैडमिंटन-शूटिंग-एथलेटिक्स पर फोकस
- 15 अक्टूबर को PM मोदी पदकविजेताओं से मिलेंगे, क्रिकेट टीमों सहित
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