तस्वीर: कोयंबेडु बाजार में प्याज़ (विकिमीडिया कॉमन्स)
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खुदरा महंगाई 23 माह के उच्चतम 5.54% पर, प्याज़ 108% महंगा
देश में खुदरा (CPI) महंगाई सितंबर 2026 में बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई — अगस्त के 4.83 प्रतिशत से ऊपर और नई CPI श्रृंखला (आधार वर्ष 2024=100) के तहत 23 महीने का उच्चतम स्तर। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने सोमवार को यह आंकड़ा जारी किया।
महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण प्याज़ है — प्याज़ की कीमतें साल-दर-साल 108.09 प्रतिशत बढ़ीं (अगस्त में 48.78 प्रतिशत थीं)। लहसुन 54.62 प्रतिशत, नींबू 36.41 प्रतिशत और अदरक 62.85 प्रतिशत महंगा हुआ। खाद्य महंगाई (CFPI) 5.97 प्रतिशत से बढ़कर 7.74 प्रतिशत पर पहुंच गई; ग्रामीण महंगाई 6.08 प्रतिशत और शहरी 4.88 प्रतिशत रही।
पिछले हफ्ते ही RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत किया था — करीब 4 साल में पहली बढ़ोतरी — और वित्त वर्ष के महंगाई अनुमान को बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया था।
मुख्य बातें
- सितंबर में खुदरा महंगाई 5.54% — 23 महीने का उच्चतम स्तर (अगस्त में 4.83%)
- प्याज़ 108% महंगा, लहसुन 54.62% और अदरक 62.85% महंगा; खाद्य महंगाई 7.74%
- ग्रामीण महंगाई 6.08%, शहरी 4.88%; आंकड़े NSO ने सोमवार को जारी किए
- RBI ने पिछले हफ्ते रेपो रेट 5.50% किया था, महंगाई अनुमान 5.2% बढ़ाया
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