भारतीय छात्रों के लिए परमाणु ऊर्जा और डिजिटल ट्विन तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर खुला है। आईआईटी बॉम्बे और रूस की रोसाटोम स्टेट कॉरपोरेशन ने 'एटॉमिक हैक इंडिया 2026' नाम से राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज शुरू की है। इसका आयोजन रोसाटोम की सहायक कंपनी जेएससी ईटीसी जीईटी, रोसाटोम कॉर्पोरेट एकेडमी और आईआईटी बॉम्बे के रिसर्च हब (जीईएसएच) मिलकर कर रहे हैं।
इस हैकाथॉन में देशभर के इंजीनियरिंग छात्रों को वास्तविक औद्योगिक समस्या का समाधान निकालना होगा — 220 किलोवोल्ट की ट्रांसमिशन लाइन के लिए जीरो-सीक्वेंस डायरेक्शनल ओवरकरंट प्रोटेक्शन (जेडओपी) योजना डिजाइन करनी होगी, जो परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को जोड़ने वाले पावर ग्रिड को सुरक्षित रख सके। भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता का है, ऐसे में ग्रिड की स्थिरता अहम हो गई है।
पंजीकरण 20 अक्टूबर 2026 तक खुला है। इसके बाद 20 से 28 अक्टूबर तक ऑनलाइन क्वालिफिकेशन राउंड होगा, जिसमें से चुनी गई अधिकतम 25 टीमें 4 से 6 दिसंबर तक मुंबई के आईआईटी बॉम्बे परिसर में 48 घंटे के ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लेंगी। प्रतिभागियों को रोसाटोम के रीपीट विजन सॉफ्टवेयर का मुफ्त एक्सेस, प्रशिक्षण वेबिनार और मेंटोरशिप मिलेगी, जबकि विजेताओं को मॉस्को की शोध यात्रा और इंटर्नशिप के अवसर मिलेंगे।
मुख्य बातें
- एटॉमिक हैक इंडिया 2026 शुरू
- आईआईटी बॉम्बे और रोसाटोम की पहल
- 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन की चुनौती
- 20 अक्टूबर तक पंजीकरण
- विजेताओं को मॉस्को यात्रा, इंटर्नशिप
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