जर्मन लग्जरी कार निर्माता पोर्श ने 2030 तक करीब 9,000 नौकरियां खत्म करने का ऐलान किया है — यह उसके वर्कफोर्स का करीब 25% है। वाइसाख डेवलपमेंट सेंटर में कैपिटल मार्केट्स डे पर CEO माइकल लाइटर्स ने नई रणनीति “Sportwagenschmiede ’35” पेश की, जो “वॉल्यूम से ज्यादा वैल्यू” पर केंद्रित है।
पहले से घोषित कटौतियों को मिलाकर कुल कमी 30% तक जा सकती है। मैनेजमेंट पदों में 40% कटौती होगी, प्रोडक्शन पर्सनल लागत में 30% तक और डेवलपमेंट लागत में 20% तक की कमी की जाएगी। कंपनी कम लेकिन ज्यादा महंगे, हाई-मार्जिन मॉडल बनाएगी; 911 लाइनअप केंद्र में रहेगा और ब्रेक-ईवन पॉइंट 2,00,000 वाहनों प्रति वर्ष से नीचे लाया जाएगा।
इस कठोर फैसले की वजह चीन में कमजोर मांग, अमेरिकी टैरिफ और EV रणनीति बदलने की भारी लागत है। पोर्श का ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल घटकर सिर्फ 1.1% रह गया था, जबकि 2023 में यह 18% था। कंपनी का लक्ष्य समय के साथ 10-15% ऑपरेटिंग मार्जिन हासिल करना है।
चीन में 2026 की पहली छमाही में पोर्श की बिक्री में करीब एक तिहाई गिरावट आई; कुल बिक्री में चीन का हिस्सा पहले एक तिहाई से ज्यादा था, जो अब करीब 15% रह गया है और 2030 तक 10% रहने का अनुमान है। चीन के डीलरशिप 150 से ज्यादा से घटाकर इस साल के अंत तक करीब 80 किए जाएंगे। 2025 में कंपनी ने करीब 2,80,000 डिलीवरी की, जो 2024 से 10% कम है। ग्लोबल EV मांग धीमी होने से इंटरनल कंबशन इंजन और प्लग-इन हाइब्रिड में निवेश जारी रहेगा।
मुख्य बातें
- 2030 तक 9,000 नौकरियां खत्म (25% वर्कफोर्स)
- मैनेजमेंट पदों में 40% कटौती
- ‘वैल्यू ओवर वॉल्यूम’ की नई रणनीति
- मुनाफा मार्जिन 18% से गिरकर 1.1%
- चीन में बिक्री एक तिहाई घटी
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