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नोबेल पुरस्कार 2026: मेडिसिन का नोबेल तीन वैज्ञानिकों को — मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रकाश से नियंत्रित करने की खोज पर मिला सम्मान

नोबेल पुरस्कार 2026: मेडिसिन का नोबेल तीन वैज्ञानिकों को — मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रकाश से नियंत्रित करने की खोज पर मिला सम्मान
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नोबेल 2026: मेडिसिन का पुरस्कार डाइसरोथ, हेगेमान और नागेल को — ऑप्टोजेनेटिक्स की खोज के लिए सम्मान

स्टॉकहोम: वर्ष 2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा शुरू हो गई है और पहला बड़ा सम्मान मेडिसिन (चिकित्सा) के क्षेत्र में दिया गया। स्वीडन की करोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल समिति ने सोमवार को घोषणा की कि 2026 का फिजियोलॉजी या मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों — अमेरिका के कार्ल डाइसरोथ, जर्मनी के पीटर हेगेमान और जर्मनी के जॉर्ग नागेल को मिलेगा। तीनों को यह सम्मान प्रकाश से मस्तिष्क की कोशिकाओं को नियंत्रित करने की तकनीक — जिसे ऑप्टोजेनेटिक्स कहा जाता है — की खोज के लिए दिया गया है।

ऑप्टोजेनेटिक्स एक ऐसी क्रांतिकारी तकनीक है जो वैज्ञानिकों को जीवित मस्तिष्क की एक-एक तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) को प्रकाश की मदद से चालू या बंद करने की ताकत देती है। इसकी नींव 1990 के दशक में रखी गई, जब जर्मनी के मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट में काम कर रहे पीटर हेगेमान ने एक एककोशीय शैवाल क्लैमाइडोमोनास से प्रकाश की ओर बढ़ने का रहस्य सुलझाया — उन्होंने उसमें प्रकाश-संवेदनशील प्रोटीन की खोज की। इसके बाद जॉर्ग नागेल के साथ मिलकर उन्होंने साबित किया कि यह प्रोटीन प्रकाश पड़ने पर एक स्विच की तरह काम करता है और चैनलरोडॉप्सिन नामक चैनल खोल देता है।

इस खोज को असली ताकत दी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के कार्ल डाइसरोथ ने। वर्ष 2005 में प्रकाशित अपने शोध में उन्होंने चूहों के मस्तिष्क की कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से इस तरह तैयार किया कि उनमें चैनलरोडॉप्सिन प्रोटीन बनने लगे — फिर प्रकाश डालकर उन कोशिकाओं को सटीक रूप से नियंत्रित किया गया। नोबेल समिति के मुताबिक इस तकनीक से वैज्ञानिक पहली बार समझ पाए कि मस्तिष्क कैसे सूचनाओं को प्रोसेस करता है और अलग-अलग यादें, भावनाएं व व्यवहार किस तंत्रिका सर्किट से जुड़े हैं — इससे तंत्रिका व मानसिक रोगों के इलाज की नई राह खुली है।

तीनों विजेताओं को मिलाकर 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोना (लगभग 10.5 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि साझा की जाएगी। अमेरिका के 54 वर्षीय डाइसरोथ, जर्मनी के 71 वर्षीय हेगेमान और 73 वर्षीय नागेल का चयन करोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल असेंबली ने किया। परंपरा के मुताबिक मेडिसिन का नोबेल ही वार्षिक घोषणाओं की शुरुआत करता है — इसके बाद अगले दिनों में भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के पुरस्कारों की घोषणा होगी।

मुख्य बातें

  • 2026 का मेडिसिन नोबेल अमेरिका के कार्ल डाइसरोथ, जर्मनी के पीटर हेगेमान और जॉर्ग नागेल को साझा मिलेगा
  • ऑप्टोजेनेटिक्स की खोज के लिए सम्मान — प्रकाश से जीवित मस्तिष्क की कोशिकाओं को चालू-बंद करने की तकनीक
  • शैवाल में प्रकाश-संवेदनशील प्रोटीन की खोज (हेगेमान-नागेल) और मस्तिष्क कोशिकाओं पर नियंत्रण (डाइसरोथ, 2005)
  • तीनों को मिलाकर 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोना (करीब 10.5 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि मिलेगी
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