बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई), बेंगलुरु की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 20 महीनों में 32 शीर्ष पुरुष क्रिकेटरों ने चोटों का पुनर्वास कराया है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस रिपोर्ट को एक्सेस किया है, जिसके बाद एनडीटीवी स्पोर्ट्स और आउटलुक इंडिया ने 9 अक्टूबर को इसका ब्योरा प्रकाशित किया।
इन 32 में से 20 बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ी थे, जबकि 12 नई टारगेटेड/इंडिया ए श्रेणी के थे। आईपीएल 2026 के बाद चोटों में तेज़ी आई — टूर्नामेंट के बाद हर सीरीज़ में कम से कम दो खिलाड़ी टूटे। चोटों के इस संकट से निपटने के लिए बीसीसीआई ने सीओई का बजट बढ़ाकर 2026-27 में 127 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 92 करोड़ से करीब 35 करोड़ अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक विराट कोहली और रोहित शर्मा भी इस साल पुनर्वास के लिए सीओई गए — रोहित ने आईपीएल के बाद हैमस्ट्रिंग की चोट का इलाज चुपचाप कराया, जिसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई, जबकि कोहली इस साल पहली बार वहां गए। हार्दिक पांड्या, हर्षित राणा और नितीश कुमार रेड्डी ने डेढ़ साल में कम से कम 4-4 महीने पुनर्वास में बिताए; जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा भी नियमित रूप से वहां जाते रहे।
ज्यादातर मामले सॉफ्ट-टिश्यू चोटों के थे; इकलौता इम्पैक्ट-आधारित मामला ऋषभ पंत का था, जिनके पैर में जुलाई 2025 में मैनचेस्टर टेस्ट के दौरान फ्रैक्चर हुआ था। कुल 68 खिलाड़ियों (पुरुष-महिला मिलाकर) का इलाज हुआ। हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल लगातार चोटों पर चिंता जता चुके हैं। बीसीसीआई ने सीओई के स्पोर्ट्स साइंस और मेडिसिन प्रमुख के पद के लिए आवेदन भी मांगे हैं — यह पद जून 2025 से खाली है।
मुख्य बातें
- 20 महीने में 32 शीर्ष खिलाड़ियों का पुनर्वास
- 20 केंद्रीय अनुबंधित + 12 टारगेटेड/इंडिया ए
- बजट 92 करोड़ से बढ़कर 127 करोड़
- रोहित का चुपचाप इलाज, कोहली पहली बार गए
- कुल 68 खिलाड़ियों का इलाज, ज्यादातर सॉफ्ट-टिश्यू
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