केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी 1.86 लाख करोड़ के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III को मंजूरी, 2035 तक 900 GW का लक्ष्य
नई दिल्ली | 1 अक्टूबर — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III' (GEC-III) योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना का कुल परिव्यय 1,86,405 करोड़ रुपये है, जिससे 135 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी के लिए राज्यों में अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली और 50 गीगावॉट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियां स्थापित की जाएंगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह निर्णय 2035 तक 900 गीगावॉट गैर-जीवाश्म क्षमता हासिल करने की दिशा में 'बड़ा कदम' है। उन्होंने X पर लिखा, 'स्वच्छ बिजली, मजबूत ग्रिड, अधिक अवसर।' केंद्र सरकार इस योजना में 54,082 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता देगी, जिससे ट्रांसमिशन शुल्क कम रहेगा और अंतिम उपभोक्ताओं को बिजली सस्ती मिलेगी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सभी ग्रीनफील्ड परियोजनाएं टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए लागू होंगी। योजना वित्त वर्ष 2032-33 तक पूरी करने का लक्ष्य है। जुलाई 2026 तक भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 552 गीगावॉट पहुंच चुकी है, जिसमें गैर-जीवाश्म स्रोतों का हिस्सा 54 प्रतिशत से अधिक है।
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